ArticleHindi में आप को कई तरह की कहानी जैसे - प्रेम, गांव जवार, बलिदान, सृजनात्मक, वास्तविकता, स्मृतिया, सम्भावना, विनम्रता, हास्य, वात्सल्य, छल, प्रपंच, करुणा आदि की झलक देखने को मिलेगी

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Kashi

Varanasi oldest city in the world

पतित पावनी मां गंगा के किनारे बसी काशी। मान्यता है इसको स्वयं भगवान शिव और माता पार्वती ने बसाया है। यह इतिहास से भी पुरातन है। यहां देवी देवता वास करते हैं यह अति प्राचीन नगरी है।

painting kashi ghats
Varanasi oldest city in india

What is Varanasi famous for?

वरुणा और अस्सी के बीच में बनारस बसता है जो दो भागों में है।
काशी और मगहर(मग्गा) यह दोनों अलग नहीं है रहन-सहन बोलचाल खान-पान के कारण अलग नहीं बल्कि यह मान्यता के कारण अलग है।
घाट के किनारे हमको इतिहास की झलक मिल जाती है। आज मैंने देखा वहां पर एक बुजुर्ग अपने बाल को छलावा रहा था। मान्यता है बालों को मुंडवाना बड़े सम्मान की बात होती है।
किसी अपनो के अंतिम संस्कार या वर्षी के समय मुंडन किया जाता है।

Why Varanasi is so very special?

मोक्ष की नगरी काशी यहां के लोग जो अपने जीवन चक्र को पूरा कर अपनी ईह लीला समाप्त होने पर मणिकर्णिका घाट ले जाते हैं।
घाट तक ले जाते समय शव यात्रा में दर्जनों लोग शामिल होते है।
यहां उनका अंतिम संस्कार करने पर उनके मोक्ष की प्राप्ति हो जाती है।
यहाँ आस्था का अनुभव नजारा देखने को मिलता है नेमि बनारसी गंगा स्नान से कभी अपने को वंचित नहीं करते और बाबा विश्वनाथ की दरबार में दस्तक के बिना इनके सुबह की शुरुआत तो होती ही नहीं।
बनारस के घाट काशी का शरीर हैं तो बनारस की गलिया धमनी।
बनारस के गलियों में घूमने पर मुझे हमेशा कुछ नया अनुभव होता है।

What is the famous food in Varanasi?

  • कचौड़ी-सब्जी
  • राबड़ी-मलाई मालपुआ
  • बनारसी टमाटर चाट
  • चूड़ा-मटर
  • दहीबड़ा
  • मलइयो
  • लौंगलता
  • ठंडाई
आज भी सुबह का समय कचौड़ी-सब्जी और दही-जलेबी से शुरुआत होती है और शाम को रबड़ी मलाई मालपुआ और ठंडाई। मैं इन स्वाद को बयान नहीं कर सकता। इसके लिए आपको एक बार बनारस आना होगा।
आप एक बार बनारस की गलियों में जाएंगे तो आपको हर गलियों में नया स्वाद का अनुभव होगा। किसी गली में मालपुआ तो कहीं कचोरी-जलेबी कही पे बनारसी चाट तो कही पे मलइयो ।
मलइयो सिर्फ घाट के आसपास ही मिलती है इसके अलावा ना के बराबर मिलती है।
मुझे विश्वास है आपको इन सभी वस्तुओं का स्वाद यहां का और अनोखा पन आपको जरूर पसंद आएगा।
मुझे पूर्ण विश्वास है आप इसे अपने पूरे जीवन काल में भूल नहीं पाएंगे।

बनारस की अड़ी

ओड़िया बैठक भी बनारस में बहुत पहले से चली आ रही है यहां पर चाय की दुकान पर जो लोग का जमावड़ा लगता है। वह घंटो बैठे राह जाते है और किसी मुद्दे पर बात होती रहती है।
किसी बात पर लोगों का अलग अलग मत होता है लोग अपने को ही सही बताते हैं घंटो घंटो बिताते हैं यहां पर हर पल उत्साह के साथ लोग बातों को भी बड़े ध्यान से सुनते हैं यहां पर कोई ना बड़ा और ना कोई छोटा सब समान रूप से अपने बातों को रख सकते हैं इस बैठक का भी अपना आनंद होता है।

उत्सव

गंगा घाटों पर हर शाम उत्सवों का माहौल होता है।
उत्सव और खुशियों के साथ जीने वाला यह शहर बनारस जहां विश्व विख्यात भारत मिलाप और नाग नथैया, संकटमोचन का संगीत समारोह और गंगा महोत्सव
जो अपनी पूरे रीति-रिवाज और परंपराओं को साथ में लेके मानते है। इसे देखने के लिए देश-विदेश के सैलानी यहां आते हैं।

How many ghats are in Varanasi?

वाराणसी में 88 घाटो है यहाँ के सारे घाट एक के बाद एक है सब आपस मे जुड़े हुए है।

Which Ghat is famous in Varanasi?

  • दशस्वमेध घाट
  • तुलशी घाट
  • चेतसिंह घाट
  • मानमंदिर घाट
  • अस्सी घाट
घाटों के किनारे चाहे कोई भी मौसम है वहां का माहौल लोगों से भरा होता है यहां पर आप जिधर भी देखेंगे आपको उधर खुशी सुख आनंद दिखाई देगा घाटों पर घूमने पर लोगों में अलग-अलग उत्साह देखने को मिलता है आप अपने सारे दुखों को भूल कर एक नए जीवन को जीने लगेंगे आप का एहसास, आपके अंदर खुशी छलक ने लगेगी।

What time is the Ganga Aarti in Varanasi?

06:00PM से 06:45PM तक
गंगा आरती 45 मिनट की होती है गंगा आरती शाम 06:00 बजे से शुरू होता है और शाम 06:45 को आरती हो जाती है।

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