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प्रवीण और कुण्ड 

ये एक ऐसे पुरूष की है जो अपने जीवन को किस तरह बर्बाद कर दिया खुशहाल जिंदगी में अगर नशा अपनी पैठ बना ले तो क्या परिणाम होता है

A person is sitting on the banks of the big lake
Interesting story

प्रवीण कुमार एक ऐसा व्यक्ति था जिसको खाने तक की फुर्सत नहीं रहता था। वह पेशे से डॉक्टर था और उसके डिस्पेंसरी में लोगो की बहुत भीड़ होती।

रात में एक कुंड के पास जाकर घंटो बैठा रहता। किसी तरह की सोच में डूब जाता बस शांत बैठा रहता।

यह इसका रोज का काम था वह किसी भी परिस्थिति में हो चाहे बीमार ही क्यों ना हो वह कुण्ड के पास जाता जरूर था। कुछ दिन में उसकी शादी होने वाली थी लेकिन शादी के लिए उसे दुसरे स्टेट जाना होता इस लिए उसने मना कर दिया।

परिवार के लोग अब क्या करे शादी का डेट भी बिल्कुल नजदीक थीं और लड़का शादी के लिए इनकार कर रहा था। परिवार वालो ने बहुत पूछा तो उसने नही बताया लोगों ने यह भी पूछा कि तुम्हारी कोई गर्लफ्रैंड है तो तुम्हारी शादी उसी से कर दी जाए।

वह बहुत देर के बाद तैयार हुआ और बोला कि में शादी तभी करुगा जब आप घर के पास से ही मेरी शादी करवाने की व्यवस्था करेगे में बाहर नही जाऊँगा। घर के लोगों ने लड़की पक्ष से बात किया तो वो लोग राज़ी हो गए।
शादी की तैयारी जोरों शोरो से चलने लगी। तोभी शाम को कुण्ड के पास जाता और बैठता। अब शादी का दिन आ गया परिवार के लोग शादी की रीति-रिवाजों को करने लगे।

शाम को बारात निकलने वाला था तो इनको लोग ढूढने लगे तो पता चला कि प्रवीण कुण्ड पे गया है। उसी समय प्रवीण के मित्र उनको लेने कुण्ड पर पहुँचे तो देखा कि प्रवीण कुण्ड की सीढ़ी पर बैठे थे।

मित्रो ने उनसे बोला चलो बारात निकलने वाला है यहाँ तुम क्या कर रहे हो। प्रवीण घर पहुँचा आनन-फानन में तैयार हो के रथ पे बैठा बैंड-बाजे बजने लगे सभी लोग बारात में नाचने झूमते चलाने लगे आतिशबाजियां होने लगी बारात अपने पूरे हुजूम पर थी।

आज प्रवीण के जीवन का अहम दिन था। बारात दरवाजे पे पहुँची महिलाएं गाना शुरू कर दी द्वारपूजा होने लगा। द्वारपूजा होने के बाद लड़के को स्टेज पे बैठाया गया। तभी सामने से दुल्हन आयी दुल्हन बहुत सुंदर लग रही थी जयमाला हुआ।

शादी की तैयारी शुरू हो गई तैयारी के दौरान उनको खाना खाने के लिए टेबल लगाया गया। दुल्हन दूल्हा एक साथ खाना खाने बैठ गए प्रवीण को तो मानो कुछ समझ मे ही नही आ रहा था बस लोग जैसे कहते बेचारा सारी बातों को करता। किसी तरह से उसकी शादी हुई और विदाई करने के बाद घर पहुँचा और सो गया दो से तीन घंटो के बाद अपनी गाड़ी उठाई और फिर वह निकल गया।

शादी के बाद भी वह घर पे नही रुका। वह कई घंटों के बाद वापस आया उसकी माँ ने पूछ कहा गए थे आज तो घर मे रहना चाहिए था। तुम्हारी पत्नी आयी है उससे बात-चीत करते। वो अपने माँ की बात अनसुनी कर अपने कमरे में चल गया।

जीवन मे नशा कुछ भी हो सकता है प्रवीण कुमार को लग गया नशा जो उसके जीवन को एक अलग मुकाम तक पहुंचा दिया।

 में आप ने देखा कि इंसान अगर अपने नशे पे काबू नही करता तो परिणाम बहुत भयानक हो सकता है । नशा तो किसी भी चीज का हो सकता। नशा पहली बार का होता है आप उसको पहली बार में ही रोक लीजिये नशे की लत से बचे रहेंगे 

Story Written by - Rishu kumar

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