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बिल्लू गिलहरी | कहानी 

इस कहानी में अपने परिवार को बचाने के लिए छोटी सी गिलहरी ने क्या? जानवरो की कहानी जिसमें सच्चाई की जीत हुई, बुरे को अपने किये गए कर्मो का फल मिला

एक बहुत घना जंगल था। उस जंगल के बीच मे एक तालाब था, तालाब में रोज जंगल के सभी जनवार पानी-पीने आते।

The grass squirrel in the forest is eating the seeds
 (Image credit:vincent van zalinge on unsplash

उसी तालाब के किनारे बहुत पुराना बरगद का पेड़ था वह पेड़ जंगल का सबसे बड़ा पेड़ था। वह पेड़ बहुत सारे जीवो का आशियाना था, जिसमे सभी जीव बड़े मजे से रहते थे।

इसी पेड़ पर बिल्लू गिलहरी का परिवार रहता था इस पेड़ पर बद्री नाम का बंदर भी रहता। उस पेड़ पर कई सारे चिड़ियों के झुंड का डेरा भी था। 

पेड़ के पीछे की ओर एक और पेड़ था उस पेड़ के नीचे की ओर एक बिल था। उस बिल में सुलेमान नामक सांप रहता था।

उसकी नजर बिल्लू के परिवार पर थी। सुलेमान ने कई बार कोसिस की, पर चीकू नाम का खरगोश बिल्लू को बात देता की सुलेमान आ रहा है।
 
बिल्लू झट से पेड़ पर चढ़ जाता और अपने बिल में छुप जाता और सुलेमान साँप पेड़ पर चढ़ कर बिल्लू के बिल में घुसने की कोशिश करता मगर बिल्लू किसी तरह से अपनी और अपने बच्चों का जान बचाने में कामयाब हो जाता।

 एक दिन बिल्लू और उसका दोस्त सोनू राजा से शिकायत करने पहुचे। बैरम खान जो उस जंगल का राजा शेर था। वह दोनों राजा से बोले, कि राजा साहब अब हम सब ये नही सह सकते हमारी जान खतरे में है।
 
राजा कहा कि क्या हुआ? बिल्लू ने कहा महाराज हमारे पेड़ के पीछे एक साँप रहता है
 जो हमारे परिवार के पीछे पड़ हुआ है। 

जब हम दोनों खाना ढूंढने अपने बिल से बहार जाते है तो सुलेमान साँप धीरे से पेड़ पर चढ़ जाता

भला हो उस बंदर का जो साँप को भाग देता है । मेरे बच्चो की जान बच जाती, अगर किसी दिन उसका ध्यान इधर-उधर हुआ तो हमारे बच्चों को सुलेमान साँप मार देगा।

हमे इंसाफ चाहिए। फिर राजा ने कहा में उसे समझा दूँगा, वो तुम्हरे परिवार से दूर रहेगा। यह सुन कर बिल्लू वहा से चला गया। अगले दिन सुलेमान साँप राजा के दरबार मे पहुँचा।

राजा ने कहा कि तुम बिल्लू गिलहरी के परिवार को परेशान करते हो, अब से यह सब बंद कर दो यहाँ पे यह सब नही चलेगा

अगर दोबारा ये बात सुनाई दिया, कि तुम बिल्लू के परिवार के आसपास भी दिखाई दिए तो मै तुम्हारे साथ क्या करुगा ये तुम अच्छे से जानते हो?

साँप राजा की बात सुनकर वहाँ से चला जाता है। रात होने पर चालक सेन लोमड़ी जो कि राजा का खास सलाहकार होता है सुलेमान साँप के बिल के बाहर पहुँचा और सुलेमान - सुलेमान कई बार आवाज दिया। आवाज सुन कर सुलेमान साँप अपने बिल के बाहर आ जाता है।

क्या बात है? राजा ने कुछ बोल है क्या? चालक सेन ने बोला राजा ने कुछ नही कहा, बस मै तुमसे मिलने आया हूँ। तुम मेरा एक काम कर दो, तो में तुम्हे बिल्लू को मारने में मदद कर सकता हूँ। सुलेमान साँप तो सोच ही रह था कि बिल्लू का क्या करूँ? साँप ने कहा मुझे क्या करना होगा? चालक सेन बोला कल बताउगा।

दूसरी रात चालक सेन साँप को महामंत्री भालू के घर ले गया उससे बोला तुम्हे भालू को कटाना होगा। भालू को मारने के लिए साँप ने चुपके से सोते हुए भालू को काट लिया और दोनों वहा से चले गए। अगले दिन सभा मे सभी पहुँचे पर महामंत्री भालू नही पहुचे।

सभी को आश्चर्य हुआ, कि सभा मे कभी भी महामंत्री को देर नही होती। महामंत्री सबसे पहले पहुच जाते। राजा ने कौवा से कहा पता करो, कि सब ठीक है क्या बात है महामंत्री अभी सभा में नहीं पहुचे

कई घंटों के बाद कौआ वापस आया। राजा से बोला, महाराज में महामंत्री के घर गया तो वह घर पे  नही थे अगल बगल से पूछताछ भी की लेकिन किसी को उनके बारे में पता नही था।

कई दिन बीत गए लेकिन महामंत्री की कोई खबर नही मिली। सभा का कार्य आगे बढ़ाने के लिए राजा ने चालक सेन को महामंत्री बना दिया।

कुछ दिन ऐसा ही चलता रहा एक दिन अचानक सोनू और बिल्लू भालू के साथ सभा मे पहुचे राजा ने पूछा क्या हुआ, बिना बताए कहा चले गए थे भालू।

भालू ने कहा कि महाराज मुझे साँप ने काट लिया। बिल्लू और सोनू ने मेरी जान बचाई मुझे सुरक्षित स्थान पे रखा। 

और सोनू ने चालक सेन और सुलेमान साँप को मेरे घर से निकलते देखा, तो उसको शंका हुआ वह मेरे घर में आया तो में तड़प रहा था।
 
उसने बिल्लू को बुलाया, बिल्लू ने मेरी जड़ी बूटी से मेरा इलाज किया। यह सुनते ही राजा ने कहा चालक सेन क्या ये सही बोल रहे है।
 

चालक सेन बहुत चतुर था। वो बोला नही महाराज ये सब गलत बोल रहे है हाँ सुलेमान को में जनता हूँ और सुलेमान मेरा दोस्त है लेकिन मुझे नही मालूम उसने ऐसा क्यू किया?

सुलेमान साँप को यह लाया गया राजा ने कहा चालक सेन ने तुम्हारे साथ क्या सौदा किया? साँप भोला बनाने लगा नही महाराज ये गलत है कोई और होगा हमे कुछ नही मालूम। 

तब भालू ने कहा महाराज चालक सेन ने मुझे कोई नुकसान नही पहुचाया बस साँप को सजा दी जाय।

 ये बात सुन कर साँप ने सारी बात बता दी। महाराज ने दोनों को जंगल से बाहर कर दिया। बिल्लू और सोनू को भालू ने बहुत धन्यवाद दिया । दोनों खुशी खुशी रहने लगे। 





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