pyasa kauwa story
वह पानी ढूढने लगा इधर उधर देखने लगा तो उसे कुछ नही दिखाई देता।
उसको प्यास के कारण कुछ समझ नही आ रहा था।
उड़ाते हुए थोड़ी देर बाद उसको एक मटकी दिखाई दी वह खुश हो कर मटकी के पास जाता है।
तो उसमें उसे पानी तो दिखता है लेकिन पानी उसकी पहुँच से दूर होता है।
अब कौवा प्यास से व्याकुल हो जाता है लेकिन वह हार नही मानता मटके के पास पड़े छोटे छोटे कंकड़ देखता है।
तो उन कंकडों को एक एक कर अपने चोंच से उठा के पानी मे डालने लगता है जैसे जैसे पानी मे कंकड़ जाता है तो धीरे धीरे पानी ऊपर आने लगता है।
थोड़ी देर बाद मटके का पानी काफी ऊपर हो गया और कौवा ने अपनी प्यास बुझाई और उड़ गया।
panchatantra
इस कहानी से हमे यह सीख मिलते है कि हमे किसी भी परिस्थिति में हमे हार नही माननी चाहिए क्योंकि मेहनत करने से सफलता मिलती है।
मुझे नही लगता कि सायद ही कोई हो जो इस कहानी के बारे में नही जानता होगा।
hindi kahani - moral story on friendship | 2 main character in the कहानी इन हिंदी


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