Art and Handicrafts of India
कला जो कलाकार अपने हाथों से बनता है, चाहे वह कुछ भी हो जैसे किमती हार, तांबे-पीतल के समान, सोने चांदी के बने आभूषण, कपड़े की गुड़िया, धागे से बने कपड़े, साड़ी, लकड़ी का सामान हो, खिलौने हो या कागज से बनी कोई चीज हो।
Handicraft product in India
आदमी के अन्दर जो खासियत होती ही वही कला है, मेरे नज़रिया से इसके अलावा कुछ और भी हो सकता है। हमारे देश मे बहुत तरह की चीजें बनाई जाती है।
Alpana Rangoli
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| (Image credit: Jyoti Singh on unsplash) |
रंगोली को कई नामो से जानते
- रंगोली
- अल्पना
- कोलम
रंगोली को अपने घर के आंगन में या दरवाजे के बाहर सजाया जाता है। इससे फर्श की सजावट की जाती है इसमें आवृति चित्र, पंछी, पौधे, जानवर, आदि का चित्र बनाया जाता है।
इसमें रंगों की संगत काफी अच्छी होती है। आपको इसमे विरोधी रंग बहुत कम ही मिलेगा। इसमे सभी सहयोगी रंगों का मेल होता है।
ये लगभग सभी घरों में बनाया जाता है। इससे माँ लक्ष्मी प्रसन्न होती है। दीपावली के दिन माँ लक्ष्मी के स्वागत के लिए बनाया जाता है।
मधुबनी चित्रकारी
मधुबनी बिहार के एक जगह का नाम है। दीवारों पे चित्रकारी की जाती है। इसे भित्तिचित्र या दीवारों की चित्रकारी कही जाती है।
इसमें देवी देवताओं की तस्वीरे, जानवर, पेड़ पौधों और अध्यात्म से जुड़ी तस्वीरे और भी बहुत कुछ इन चित्रकारी में बनाई जाती है।इन तस्वीरें में काम करती महिलाएं, शादी के समय, देवी देवताओं का चित्र, इनमे रंगों की संगत का एक बेमिसाल कलाकारी होती है।
इसको त्यौहार के समय या शादी उत्सव के समय बनाया जाता है। शादी के समय इन चित्रकारी में आपको शेर व्यायाम करते आदमी पहलवान नृत्य करती महिलाएं आदि बनाई जाती है।
शारीरिक सजावट की कला
(Image credit: Vitaliy Lyubezhanin on unsplash)

मेहंदी को कई नामों से जाना जाता है।
- महंदी
- हिना
कहते है बिना मेहदी के शादी पूरी नही होती, मेंहदी लगाने से घरों में खुशहाली आती है। हिन्दू रीति रिवाजों में इसका बहुत महत्व है। इससे माँ लक्ष्मी बहुत प्रसन्न होती है।
मेहंदी की पत्तियों को पीस कर इसे हाथो में लगाया जाता है। लगाने के कुछ समय बाद इसे सूखने पर साफ कर देते है। मेहंदी के लगाने से त्वचा का रंग लाल हो जाता है।
बहुत सुंदर दिखाई देता है। इसे शरीर के कई हिस्सों में भी लगाया जाता है। सिर पर लगाने से ठंडक मिलती है और बालों का रंग लाल हो जाता है। मेहदी को आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति में भी इस्तेमाल किया जाता है।
Handicrafts products
Hand-looms and textile
- Garments
- Carpet
- Painting
- धातु की कारीगरी
- लकड़ी की कारीगरी
- मिट्टी की कारीगरी
- चमड़े की कारीगरी
- बॉस की कारीगरी
- पत्थर की कारीगरी
धातु कला
पहले के समय मे कई तरह के धातुओं के बर्तन को इस्तेमाल में लाये जाते थे। अब उन धातुओं का इस्तेमाल ना के बराबर ही होता है।
कई तरह के धातुओ का नाम
- कासा
- पीतल
- ताम्बा
- फूल
- चांदी
- सोना
आज कल धातु से बनी वस्तुओं का हर जगह इस्तेमाल किया जाता है। धातु के बर्तन, धातु की मूर्ति, गहने जेवर आदि।
लकड़ी के खिलौने
लकड़ी
- लकड़ी का खिलौने
- लकड़ी की मूर्ति
- लकड़ी की घरेलु समान
भारत में लकड़ी का कारोबार प्राचीन काल से चल रहा है, लकड़ी के कई तरह के कारोबार है। उसी में से एक लकड़ी की कलाकारी भी है। यह कला प्राचीन इतिहास से चली आ रही है।
उत्तर प्रदेश, हिमाचल, आदि जो इन लकड़ी का काम को आगे बढ़ा रहे हैं। इसमें खिलौने कठपुतली, धार्मिक मूर्तियां आदि बनाई जाती है। अब ये काम भी कम हो गया है।
wooden handicrafts item for export






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