हेलमेट
हेलमेट कहानी में एक व्यक्ति हेलमेट न लगने के कारण जो दुर्घटना हुआ उससे उसके और उसके परिवार के जीवन मे कितना बदलाव हो गया।
समय हमेशा एक जैसा नही होता परिस्थियां हमेसा बदलती रहती है। लापरवाही जीवन मे कभी न करे हमेशा सजग रहे।
![]() |
| helme |
एक बहु तीन पोता-पोती भरा-पूरा परिवार था। घर का पूरा खर्च बड़ा बेटा ही उठाता। छोटा भाई की पढ़ाई पूरी हो गई थी, वह छोटी-मोटी नौकरी करता था।
उसकी उम्र तेजी से बड़ रही थी। इसी कारण उनके परिवार वाले उसके लिए रिश्ता तय कर दिए। शादी की तैयारी जोरो-शोरो से चल रही थी।
बड़ा भाई के पास एक मोटरसाइकिल थी। कही भी जाना होता तो वह उसी से जाता।
एक दिन बिल्कुल सुबह-सुबह उठा और घर से जाने लगा, तो उसकी बेटी बोली "पाप हेलमेट तो लेलो" वह बोला रहने दो मैं बगल से आ रहा हूं! यह कह कर वह चला गया।
पांच-सात घंटे बाद घर पे फोन आया फ़ोन रमेश की पत्नी उठाई "रमेश जी का एक्सीडेंट हो गया है। में सरकारी अस्पताल से बोल रहा हूँ। कृपया आप लोग जल्दी आईये।"
घर मे अफरा तफरी मच गई घर के सभी सदस्य पहुचे। वहाँ पहुचने पर पता चला की सर में चोट लगी है, बचाना मुश्किल है। हालत गम्भीर होती जा रही है।
इतना सुनते ही रमेश के पिता को पसीने छूटने लगे, वही वो बेहोश हो गए।
थोड़ी देर बाद डॉक्टर बाड़ी को चीर घर भेज दिया।
हेलमेट न लगने के वजह से जो छोटी सी लापरवाही हुई उस कारण बहुत कुछ उस परिवार को कितना झेलना पड़। बहुत कुछ बदल गया।
लापरवाही जीवन मे कभी न करे हमेशा सजग रहे दो पहिया वाहन चलाते समय हमेसा हेलमेट पहने।
अगर वह अपनी बेटी की बात मान के हेलमेट लगा लिया होता तो उनके साथ यह सब नही होता।
आप सभी से अनुरोध है हमे हेलमेट जरूर पहने चाहे आप को कितना ही पास जाना हो।
अपना Insurance जरूर कराये car insurance, motorcycle insurance
Writes by - संजय मिश्रा


कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें