स्वप्न लोक
इस रचना की मेन किरदार एक लड़का है, जिसका नाम रोहन है, रोहन बचपन में खुली आखो से देखी गई सपनों को पूरा करने के लिए अंतहीन संघर्ष और धर्य की कहानी।
रोहन अपने विद्यालय से आने के बाद वह अपने पिता श्याम लाल के साथ उनके काम पर जाया करता था।
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| (Image credit: casey horner-unsplash) |
उनके पिता एक घोड़े के अस्तबल में काम करते थे। वे अपने पिता को रोज देखता और सोचता "की मेरे पिता किस तरह इतना मेहनत करते है, लेकिन उनको वो मान-सम्मान कभी नही मिलाता, जो उस अस्तबल के मालिक को मिलता है।
वह रोज देखता था कि किस तरह उस अस्तबल का मालिक समाज मे खूब इज्जत पता है। एक दिन स्कूल में उसके टीचर ने सभी बच्चों को एक लेख लिख कर लाने को कहा।
लेख में सभी बच्चों को यह लिख कर लाना था कि वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं। उनका सपना क्या है?
इस लड़के ने भी रात भर जागकर एक बहुत ही बेहतरीन लेख लिखा जिसमें उसने लिखा कि वह बड़े होकर एक अस्तबल का मालिक बनेगा।
आगे अपने सपने को पूरा विस्तार से बताते हुए 200 एकड़ के अपने सपनों वाले रेंज की फोटो भी बना दी अगले दिन उसने अपने लेख शिक्षक को दिया शिक्षक ने सभी कापियां जांचने के बाद परिणाम सुनाया।
इस लड़के को फेल कर दिया उसे कोई नंबर नहीं दिया। उसकी कॉपी पर बड़े बड़े अक्षरों में फेल लिख दिया।
कापी मिलने के पश्चात वह लड़का शिक्षक के पास पहुंचा और बोला आपने मुझे नंबर क्यों नहीं दिया, शिक्षक ने कहा कि अगर तुम भी बाकी लड़कों की तरह छोटा-मोटा लेख लिख कर लाते तो मैं तुम्हें कुछ नंबर दे देता,
लेकिन तुमने जो लिखा है वह पूरी तरह असंभव है। तुम लोगों के पास कुछ नहीं है इसलिए जो तुमने लिखा है वह असंभव है ऐसा संभव ही नहीं हो सकता।
तुम चाहो तो मैं तुम्हें एक और मौका देता हूं तुम कल दूसरा लेख लिखकर लाना। जिसमे वास्तविक लक्ष्य बना लेना। घर जाकर लड़के ने बहुत सोचा लेकिन उसे कुछ और बनने का विचार ही नहीं आया।
अगले दिन उसने शिक्षक के पास जाकर कहा आपको जो भी नंबर देना हो दे दीजिए लेकिन मेरा तो यही सपना है और मुझे कुछ और नहीं बनना है।
मैं अपना सपना बदल नहीं सकता 20 साल बाद इस लड़के ने अपना सपना पूरा कर लिया।
Write by- अखिलेश कुमार ,
Story - the moral story in Hindi sweet kulfi ki Kahani story in the village


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